डेंगू और मलेरिया के लक्षण जाने

जैसे ही मौसम बदलते हैं और बारिश शुरू हो जाते हैं, ऐसे में डेंगू और मलेरिया का खतरा भी बढ़ जाता है, और डेंगू और मलेरिया के लक्षण में अंतर नहीं कर पाते है। एसे में देशभर में डेंगू और मलेरिया के मरीज भी बढ़ रहे हैं। कोरोना की इस समय में अगर किसी को बुखार हो जाए तो सबसे पहले संदेश लोग कोरोना का ही करते है, क्योंकि लोगों को इन तीनो में अंतर पता नहीं चलता। आइये डेंगू और मलेरिया के लक्षण जाने।

लोगों को किस वजह से बुखार आया है या उन्हें क्या हुआ है, और उनके लिए डेंगू मलेरिया और कोरोना के बीच में अंतर करना मुश्किल हो जाता है। इसीलिए आज हम आपके लिए यह लेख लेकर आए हैं जिसके जरिए हम यह बताएंगे कि इन तीनों में आप कैसे अंतर कर पाते हैं, इन तीनों के लक्षण क्या-क्या है, जिससे आपको यह पहचानने में आसानी हो, की आपको क्या हुआ है और उसके बारे में जान सकें।

डेंगू, मलेरिया और कोरोना का कारण क्‍या है?

डेंगू और मलेरिया मौसम के कारण होने वाली बीमारियां है जो मच्छर के काटने से होते हैं। डेंगू के मच्छर दिन में काटते हैं और मलेरिया के मच्छर शाम या रात में काटते हैं।

कोरोना यहां कोविड-19  संक्रमित वायरस है जो किसी के संपर्क में आने से होता है जैसे हवा के जरिए जो किसी चीज को या किसी को भी कोवित संक्रमित इंसान को छूने से फैलता है।

डेंगू, मलेरिया और कोरोना के लक्षण क्या क्या है?

ऐसे तो इन तीनों में एक जैसे लक्षण है हमें देखने को मिलते हैं, क्योंकि इन तीनों में बुखार जैसी कॉमन लक्षण मौजूद है। फिर भी कुछ अंतर हम देख सकते हैं देख सकते हैं आइए जानते हैं तीनों के लक्षण क्या-क्या है

डेंगू के लक्षण

  • डेंगू एक वायरल बुखार है जो मच्छर के काटने से होता है, जो बरसात के मौसम में होते हैं और ठंड के मौसम में यह बीमारी नहीं फैलती।
  • डेंगू के लक्षणों में जो कॉमन और पहला लक्षण हमें देखने को मिलता है वह है बहुत तेजी से बुखार आना।
  • इसके साथ इसके साथ शरीर में दर्द और मांसपेशियों में भी दर्द देखने को मिलते है।
  • जोड़ों में दर्द।
  • डेंगू  में आपको बहुत तेज सिरदर्द भी होते है।
  • शरीर में थकान और किसी भी चीज में मन ना लगना ऐसी समस्याएं देखा जा सकता है।
  • भूख कम हो जाना।
  • डेंगू के लक्षणों में पेट की समस्या भी शामिल है।
  • किसी में उल्टी और दस्त की समस्या भी हो सकती है।
  • त्वचा पर दाने या लाल चकत्ते भी बन सकते हैं।

जब डेंगू जब बढ़ जाता है

  • तो सांस लेने में भी आपको तकलीफ हो सकती है।
  • बीपी तेजी से कम हो सकते हैं।
  • ब्लीडिंग होना, रोगी के नाक मुह या फिर मलद्वार से ब्लीडिंग हो सकता है।
  • उल्टी होना और जी मिचलाना।
  • इसके साथ  त्वचा पर चकत्ते भी बन जाते है।
  • शरीर अचानक ठंड पड़ जाना।
  • हो सकता है लोगी बेहोश भी हो जाए
  • अगर आपको यह सब लक्षण दिखाई दे तो आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

डेंगू का इलाज घर पर कैसे करें

जब भी आपको डेंगू के लक्षण दिखाई दें आप देर ना करते हुए डॉक्टर के संपर्क में जरूर जाए और इसके साथ अगर डॉक्टर आपको घर पर ही इसका इलाज करने के लिए कहे और आपको साधारण लक्षण दिखाई दे और ज्यादा गंभीर रूप ना हो, जैसे आपको ज्यादा बुखार ना हो रहा, आप अपने भोजन को अच्छी तरह से ले पा रहे हैं, कोई उल्टी या पेट की समस्या आपको नहीं दिखाई दे रही तब आप घर पर  डॉक्टर की सलाह से इसका इलाज करें।

इसके साथ आप कुछ घरेलू उपचार भी ले सकते हैं जिसमें है

अपने शरीर को जितना हो सके हाइड्रेट रखने की कोशिश करें, जिसके लिए जूस और सूप का सेवन जरूर करें।

गरम पानी पिए, आप चाहे तो गर्म पानी पर थोड़ा नींबू का रस मिलाकर भी पी सकते हैं।

अपने आहार में प्रोटीन को शामिल करें।

विटामिन सी को अपने आहार में शामिल करें।

पपीते का सेवन करें।

बुखार में जो काढ़ा पीते हैं वह काढ़ा बनाकर पी सकते हैं।

अपने इम्यूनिटी पावर को बढ़ाएं, अपने भोजन के द्वारा।

मलेरिया के लक्षण

  • मलेरिया के लक्षणों में तेजी से बुखार का आना शामिल है। बुखार के साथ ठंड भी ज्यादा लगता है, किसी किसी में ठंड इतने बढ़ जाते हैं जिससे  शरीर में कंप-कंपी शुरू हो जाता है, और इसके बाद बुखार शुरू हो जाता है।
  • सिरदर्द, बदनदर्द और जोड़ों में दर्द भी होते हैं।
  • बुखार 3 से 4 घंटे तक रह सकता है, और कुछ ओढ़ने के बाद 3 से 4 घंटे के बाद पसीना आ कर बुखार कम हो जाता है।
  • ऐसा बार बार हो सकता है।
  • उल्टी होना जी मचलाना।
  • कमजोरी, थकान, खाने का मन ना होना।
  • सांस फूल जाना।

मलेरिया का इलाज

जब भी आपको यह लक्षण दिखाई दे तब आप देर ना करते हुए डॉक्टर के पास जाए और उनसे परामर्श करें, क्योंकि मलेरिया एक ऐसी बीमारी है जो बहुत ही कम समय में रोगी का जान भी ले सकता है। हर साल मलेरिया के कारण कई लोगों की मौत हो जाती है।

और अगर बुखार थोड़ा कम हो जाए तो आप ऐसा ना सोचे कि आपका बुखार ठीक हो गया है और आपको इलाज की आवश्यकता नहीं है। ऐसा सोचने से और इलाज में देरी करने से आपको भारी नुकसान हो सकता है।

मलेरिया होने के बाद कई लोगों में खून की कमी हो जाती हैं ऐसी में मलेरिया और भी खतरनाक रूप ले सकता है।

इसके साथ शरीर को ठंडा न होने दे, हॉट वाटर  बैग या फिर पानी को गर्म करके किसी बोतल में भरकर हाथ पैर के नीचे रख दे, अगर ज्यादा ठंड लगे तो। इसके साथ सरसों के तेल पर लहसुन डालकर गर्म करके हाथ और पैर के तलवे को मालिश करें। इससे आराम मिलेगा। आप पूरे शरीर पर भी मालिश कर सकते हैं। लेकिन हां आप यह याद रखें कि आपको डॉक्टर के पास जरूर जाना है और उनसे सलाह लेकर अपना इलाज करवाना है।

कोरोना के लक्षण

  • कोरोना की आम लक्षण तो हमें मालूम है कि इसमें बुखार आ जाता है लेकिन अब यह अन्य रूपों से भी दिखाई देने लगे हैं आइए इन सब के बारे में जानते हैं।
  • बुखार का आना, यह बहुत कॉमन है फिर भी कई लोगों को बुखार नहीं भी आते हैं, कई लोगों में कोरोना की अन्य लक्षण भी देखने को मिलते हैं।
  • नाक बहना, नाक से पानी आ सकते हैं, जैसे थोड़ा-थोड़ा जुकाम हो रहा है।
  • कुछ लोगों में उनके आंख लाल भी हो जाते हैं।
  • गले में खराश महसूस होना।
  • सिर दर्द बदन दर्द या फिर जोड़ों में दर्द होना।
  • आपको चीजों का गंध और स्वाद का कम महसूस होना।
  • त्वचा पर लाल या चकत्ते बन जाना।
  • गर्मियो में भी ठंड का लगना।
  • रोगी को सांस लेने में भी बहुत परेशानी होती है, साइन में दर्द भी हो सकते है।
  • थकान, कमजोरी, शरीर और मांसपेशियों में दर्द होना।
  • ज्यादा खासी और कफ का जमा होना।

कोरोना का इलाज

जब भी आपको यह तब सिम्टम्स दिखाई दे आप तुरंत देर ना करते हुए अपना  ब्लड टेस्ट करें, जो कोरोना का टेस्ट होता है। या फिर टेस्ट करने तक या रिपोर्ट आने तक खुद को क्वॉरेंटाइन करें।

जैसा कि हम सभी जानते हैं इसका कोई इलाज नहीं है बस हमें सावधानी और डॉक्टर की सलाह से ही अपने इलाज को करना चाहिए। घर पर रहने से ही आप लोग खुद से ही अपना ट्रीटमेंट ना करें। डॉक्टर की सलाह लेना बहुत ही जरूरी है, बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी मेडिसिन का सेवन ना करें, आप अपने फैमिली डॉक्टर या फिर सरकार द्वारा दिए गए टोल फ्री नंबर पर कांटेक्ट करके डॉक्टर से संपर्क करें और डॉक्टर के संपर्क में रहकर ही अपना इलाज करें।

अगर आपने कोई ज्यादा समस्या नहीं है और डॉक्टर आपको होम क्वॉरेंटाइन के लिए कहते हैं तब आप अपने खानपान में जरूर ध्यान दें।

आप अपनी यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाकर रखें।

दी हाइड्रेट रहे, विटामिन सी की मात्रा बताएं, खाने में ड्राई फूड और प्रोटीन का भी ध्यान रखें।

तो आपको इन तीनों के लक्षणों में कुछ फर्क देखने को जरूर मिलते हैं। जैसे हमें कोरोना में कई लक्षण अलग देखने को मिलते हैं। और आपको जब भी यह लक्षण दिखे आप तुरंत ही अपने डॉक्टर से संपर्क करें और अपना इलाज शुरू करें। और आपको कोरोना नहीं है, सिर्फ डेंगू या मलेरिया ही होता है तो आपको डॉक्टर से संपर्क नहीं करने से भी चलेगा, अगर आप ऐसा सोचते हैं तो आपको बता दें कि भारत में हर वर्ष डेंगू और मलेरिया से भी कई लोगों की मृत्यु होती है इसलिए आप लोग डेंगू और मलेरिया को साधारण ना समझें और अपना इलाज जरूर करें।

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